- जलने लगा है जमाना सारा …… क्योंकि चलने लगा है नाम हमारा
- मैं लोगों की तरह मिलावट नहीं करता , मोहब्बत हो या नफरत जो भी करता हूँ 100% करता हूँ
- औकात तो कुत्तों की होती है….. हमारी तो हैसियत है
- आँखे न फाड़ पगली दिल को आराम दे , मुझे क्या देखती है अपने वाले पर ध्यान दे
- मेरा वजूद नहीं किसी तलवार और तख्तो-ताज का मोहताज
, मैं अपने हुनर और हंसी से लोगों के दिलों मे राज करता हूँ
- जख्म कितने भी गहरे हो मरहम जरुर लगता है …..याद रख तेरे वार के जख्म से ही मुझमे गुरुर बनता है
- लहरो को खामोश देखकर ये ना समझना की समंदर मे रवानी नही है…. हम जब भी उठेगे तूफान बनकर उठेगे…. बस उठने की अभी ठानी नही है
- वक्त दिखाई नहीं देता है पर, दिखा बहुत कुछ देता है
- तूफ़ान में ताश के महल नहीं बनते , रोने से बिगड़े मुकद्दर नहीं बनते , सारी दुनिया को जीतने का दम रख ऐ बन्दे !! क्यूंकि एक हार से लोग फ़कीर और एक जीत से सिकंदर नहीं बनते