Hindi Shayari

इश्क तो बेपनाह हुआ कसम से,
गलती बस ये हुई कि हुआ तुमसे।

तेरी याद ही तो एक ऐसी चीज है,
जो ना चाहते हुए भी आ ही जाती है।

दुआ करना दम भी इस तरह निकले,
जिस तरह तेरे दिल से हम निकले।

तुम भूल गए मुझे चलो अच्छा ही हुआ,
किसी एक की रातें तो सुकुन से गुजरे।

मुझे हीर रांझणा की कहानी मत सुना ..
ए-इश्क़, सीधे सीधे बोल मेरी जान चाहिए तुझे।

अच्छा हुआ तुम्हारी आँखों में ये आंसू ख़ुशी के है,
मुझे तो लगा तुम मुझसे बिछड़ के रोये हो।

वो रोई तो जरूर होगी खाली कागज़ देखकर,
ज़िन्दगी कैसी बीत रही है पूछा था उसने ख़त।

नहीं कोई जानकारी मेरे पास मौसम की,
बस इतना जानता हुँ, तेरी यादें तूफ़ान लाती है।

तय है बदलना, हर चीज़ बदलती है इस जहाँ में,
साहेब.. किसी का दिल बदल गया, किसी के दिन बदल गये।

तन्हाई की चादर औढकर रातों को नींद नहीं आती हमें..
साहब.. गुज़र जाती है हर रात किसीकी बातों को याद करते करते।