भंवर से निकलकर भंवर से निकलकर किनारा मिला है, जीने को फिर से एक सहारा मिला है, बहुत कशमकश में थी ये ज़िंदगी मेरी, उस ज़िंदगी में अब साथ तुम्हारा मिला है। Love Shayari