- मैं बिंदास सी लड़की हूँ ,अपनी नहीं सुनती तो तेरी क्या सुनूंगी ??
- बात भी उन्हीं की होती है जिनमें कोई बात होती है
- उसने कहा महँगी पड़ेगी तुझे ये दुश्मनी ,मैंने भी कहा सस्ता तो मैं काज़ल भी नहीं लगाती
- मेरी सोच और मेरी पहचान दोनों ही तेरी औकात से बाहर है
- मौसम सर्द हो या लहज़ा मेरी दोनों से ही नहीं बनती