- वो मुझसे बिछड़ कर अब तक नहीं रोया ,
कोई तो हमदर्द है उसका ,
जिसने मेरी याद तक ना आने दी। - कशिश तो बहुत है मेरे प्यार में ,
लेकिन कोई है पत्थर दिल जो पिघलता नहीं ,
अगर मिले खुदा तो मांग लूंगी उसको ,
पर सुना है खुदा मरने से पहले मिलता नहीं। - उसके इंतज़ार के मारे हैं हम ,
बस उसकी यादों के सहारे हैं हम ,
दुनिया जीत कर क्या करना है अब ,
जिसे दुनिया से जीता था ,
आज उसी से हारे हैं हम।