Sad Shayari, हमारे लिए उनके

  • हमारे लिए उनके दिल में चाहत ना थी ,
    किसी ख़ुशी में कोई दावत ना थी ,
    हमने दिल उनके कदमों में रख दिया ,
    पर उन्हें ज़मीन देखने की आदत ना थी।
  • कुछ कदम हम चले ,
    कुछ कदम तुम चले ,
    फर्क सिर्फ इतना रहा ,
    हम चले तो फाँसलेकाम होते गए ,
    और तुम चले तो फाँसले बढ़ते गए।
  • काश वो समझते इस दिल की तड़प को ,
    तो हमें यूँ रुसवा ना किया जाता ,
    बेरुखी भी उनकी मंज़ूर थी हमें ,
    एक बार बस हमें समझ लिया होता।